यह जो लोग कल एनकाउंटर में पुलिसिया कार्यवाही की तरफदारी कर रहे थे उन्हें बता दूं कि आपकी इसी पुलिस की गलती के कारण उन्नाव की एक बेटी ने कल रात 11 बजे दम तोड़ दिया। बहुत होसले वाली थी यह, रेप के आरोपियों को जेल तक तो पहुंचा दिया था ओर जब तक होश में थी कहती रही- मुझे जलाने वालों को छोड़ना मत लेकिन दोषियों को फांसी पर जुलता हुआ नही देख सकी क्योंकि उन्ही आरोपियों में से जमानत पर छूटकर आये आरोपियों ने उसे केरोसिन डालकर जला दिया था इसके बावजूद वह मदद के लिए 1 किलोमीटर तक चली और खुद पुलिस को फ़ोन लगाकर बुलाया। 

वो आखिर तक कहती रही मुझे जीना है लेकिन हमारा समाज ऐसा हो चुका है कि वो छद्म आडम्बरों से भी बाहर नहीं निकल पा रहा है। कहां उस बेटी को न्याय दिलाता!

मुबारक हो आपको, दिशा के दोषियों को तो मार दिया... साथ में भारत देश की इस बेटी को भी!