आंखें खुली हो या बंद नजर कुछ नही आता हैं, नपुंसक-सी इस दुनिया में हर कोई अप…
और पढ़ेंऐ मेरे रहनुमा, कुछ तो बोल दो... तरस खाकर मेरे ऊपर, अपने घर के दरवाजे खोल दो। …
और पढ़ेंहर रोज यहां बलात्कार हो रहा है। महिलाओं पर अब भी वही अत्याचार हो रहा है।। दु…
और पढ़ेंसच कहूं तो जिंदगी से इतना परेशान हो चला हूं, कि मन करता है कहि खो जाऊं। छोड़ क…
और पढ़ेंधधक रहा रक्त शिराओ का नयन क्रोध से अश्रुपूरित हुए। भावना में आक्रोश से …
और पढ़ेंजीवन के सुधि स्रोत से, निकली सरिता कहती है। हाहाकार मचा है मन में, द…
और पढ़ेंतुम मिली, तो दिल की हसरतों ने विराम-सा ले लिया पाकर तुम्हारा साथ इस जाहां में.…
और पढ़ेंअंधरी सुरंग से गुजर रहे हैं, बाहर क्या हो रहा है, पता नहीं... चलते जा रहे…
और पढ़ेंक्या तुम अंधे हो? जो तुम्हें यह नहीं दिखता है(2) या वही दिखता है जो बिकता ह…
और पढ़ेंयाद आते हैं वो बचपन के दिन जब मासूम-सा चेहरा लेकर आंखों में नीर लेकर हाथो…
और पढ़ेंमैं बोल नही पाता हूं। अपनी बात, ढंग से कह नही पाता हूं। पता नहीं, मुझमें क्या खामी है।…
और पढ़ेंमैं कुछ, परेशान-सा हूं। आवाज बुलंद हैं, पर खामोश सा हूं।। तन्हा अ…
और पढ़ेंअभी होने को है सवेरा! इतनी जल्दी हार मत मान, इतनी जल्दी मुड़ना न ठान। संक…
और पढ़ेंदेखों सूरज डूब रहा है! आओ मिलकर हम एक लौ जलाते हैं। अंधयारे के इस मौहाल मे…
और पढ़ेंथोड़े कठिन हालात हैं, किस्मत का रोना रो रहा हूं सारा दोष खुद को देकर, गहरी नीं…
और पढ़ेंकैसे मैं हंसू, कैसे मैं रोऊं। किसे मैं अपने, दिल की बात बताऊं॥ ह…
और पढ़ेंकाश मैं प्यार का इज़हार ना करता। उस बेवफा को इतना प्यार ना करता॥ होत…
और पढ़ेंउसने मुझे छोड़ा तो कहा:- बस रोना मत😭 मेरे लिये अपनी जिन्दगी को "खोना&…
और पढ़ेंसुना था दिल्ली मे जनता का दरबार लगता है। एक "फकीर" वहाँ बैठकर, सबकी फरीयाद स…
और पढ़ेंतुम गये क्या, शहर सुना कर गए! ठंडे पड़े इस दिल को गुनगुना कर गए हम तो तुम्हे…
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