काश मैं प्यार का इज़हार ना करता!



काश मैं प्यार का इज़हार ना करता।
उस बेवफा को इतना प्यार ना करता॥

होते नही अभी मेरे ऐसे हालात।
क्यो-की मैने उस बेवफा से मुलाकात॥

काश मैं प्यार का इज़हार ना करता।

रो-रो कर हर रोज ऐसे ना मरता।।
उसकी हँसी पर खुशियो को कुर्बान ना करता।

दिल को इस दर्द से परेशान ना करता।
काश मैं प्यार का इज़हार ना करता॥

उसकी बातों को दोबारा याद ना करता।
उसके लिये घरवालों को परेशान ना करता।।

उसके इशारो को नजर-अंदाज करता।
उसकी मासुम-सी सुरत पे ना मरता।

काश मैं प्यार का इज़हार ना करता॥

उससे मिलने की फरमाईश ना करता।
रब से उसको पाने की ख्वाहिश ना करता।

उस लड़की को इतना याद ना करता।
उस बेवफा को इतना भी प्यार ना करता।।

काश मैं प्यार का इज़हार ना करता।
काश मैं प्यार का इज़हार ना करता।।

©संजय ग्वाला

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