मेरी #महबूबा कहती हैं कि तुम मुझे आजकल शॉपिंग नही करवाते, रेस्टोरेंट में खाना नही खिलाते, कॉफी शॉप में वेनिला कॉफी नही पिलाते ओर मेरे साथ कही घूमने नही चलते हो! आखिर चक्कर क्या है? आगे कहती हैं कि एक बात कहूँ मुझे ना तुम अब #कलेक्टर से लगने लगे हो...😎
पहले #लुंगी में ही कही चल पड़ते थे, #सिगरेट की जगह #बीड़ी से ही काम चला लिया करते थे पर आजकल ना तुम सूट-टाई पहनकर #औपचारिक से हो गए हो!👔
पहले #ढोला_मारू भी पी लिया करते थे और अब #ढोला_मारू #चित्रशैली देखने लगे हो। तुम बदल गये हो😠 तुम्हारा यूंह #अचानक से कलेक्टर-सा बन जाना मुझे जरा सा भी रास नहीं आ रहा है!🤷🏻♀
तुम कुछ बोलते क्यों नहीं हो या अब ऊपर से ऑर्डर आएगा... कुछ तो बोलों, कलेक्टर साहब... मुंह खोलों😲 क्या तुम गूंगे हो गए हो? नही दिलरूबा😍 मैं कहां कलेक्टर! मैं तो तुम्हारा दिलदार हूं, तुम्हारे पैसों💵 से घर🏠 चलाने वाला किरायेदार हूं। तुम क्यों मुझे खाम्ह-खाह कलेक्टर बनाने पर तूली हुई हो😏 मैं तो तुम्हारे आलीशान घर के बाहर लटकते #निम्बू की तरह हूं #जानू😘 क्यों तुम मुझे निचोड़ने पर तूली हुई हो?😥
क्या तुम्हें वो लम्हें याद नही प्रियतम💑 जब हम साथ में ढाबे पर कुल्हड़ की चाय🍵 पिया करते थे! फिर क्यों तुम कॉफी शॉप की बात करती हो?☕
अरे मेले #छोना_बाबू💑 तुम तो अब सच में कलेक्टर😎 की तरह विधायक और सांसद दोनों को खुश करने पर तूले हो...
सच में मेरे साजन तुम ना अब #कलेक्टर_बाबू😎 से लगने लगे हो😋
©संजय ग्वाला


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